नमस्कार दोस्तों आज हम रघुपति राघव राजाराम भजन के लिरिक्स देखने वाले है. रघुपति राघव राजाराम को राम धुन भी कहते है. ये राम धुन पुरे देश भर में महात्मा गांधी जी की बजह से लोकप्रिय हुई. महात्मा गांधी ने इस धुन को 1930 साल्ट मार्च में गाया था. इस भजन को मूल में तुलसीदास जी ने लिखा था. Raghupati Raghav Raja Ram Lyrics रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम, सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम, सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम, ईशवर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान, ईशवर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान, रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम, रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम, नारद की वीणा से निकला, रघुपति राघव राजा राम, रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। शंकर के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम। रात को निंदिया दिन को काम, कभी भजोगे प्रभु का नाम, रघुपति ...